एन्क्लेडस

एन्क्लेडस

एन्क्लेडस

एनक्लेडस यह शनि का आठंवा ज्ञात चन्द्रमा है।

कक्षा : 238,020किमी शनि से
व्यास : 498 किमी
द्रव्यमान: 7.30e19 किग्रा

ग्रीक मिथको के अनुसार एनक्लेडस एक टाइटन था जिसे एथेना ने युद्ध मे हराकर एटना पर्वत के निचे दफना दिया था।

इसकी खोज 1789 मे हर्शेल ने की थी।

एन्क्लेडस सौर मंडल मे सबसे ज्यादा चमकदार है, इसक अल्बेडो >0.9  है। इसकी सतह ताजी बर्फ से ढंकी है।

एन्क्लेडस पर पांच विभिन्न तरह के भूभाग है, जिसमे क्रेटरो के अतिरिक्त समतल पठार, लम्बी रैखीक दरारे और घाटीया है। इसकी कुछ सतह काफी नयी है शायद 1000 लाख वर्ष से कम उम्र की।

एन्क्लेडस कुछ समय पहले तक भूगर्भिय रूप से सक्रिय रहा होगा(शायद अभी भी)। यहां शायद जल ज्वालामुखी की प्रक्रिया कार्यरत है।

एन्क्लेडस इतना छोटा है कि इसके अंदर उपस्थित रेडीयो सक्रिय पदार्थो से गर्म नही हो सकत है। लेकिन इसके बनने के कुछ पश्चात लगभग 4.5 अरब वर्षो पूर्व कम जीवन के रेडीयो सक्रिय पदार्थो ने इतनी उष्मा उत्सर्जित कर दी थी कि इसके आंतरिक भाग को पिघला कर अलग रूप से बना दिया है। एन्क्लेडस की वर्तमान भूगर्भिय सक्रियता अधिक जीवन वाले रेडीयो सक्रिय पदार्थ तथा ज्वारिय बंध से उत्पन्न उर्जा से है।

एन्क्लेडस डीओने से 1:2  की कक्षिय बंध मे बधा हुआ है। इस बंधन से उर्जा उत्पन्न होती है लेकिन वह जलबर्फ को पिघलाने मे असमर्थ है। एन्क्लेडस शायद शुद्ध जल की बजाये किसी कम द्रव बिन्दू वाले पदार्थ से बना है।

एन्क्लेडस शायद शनि के ’इ’ वलय के पदार्थ का श्रोत है। वलय मे पदार्थ कुछ हजार वर्षो से ज्यादा नही रह सकता इसलिये यह घटना ज्यादा पुरानी नही है।

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